CTET CLASS-3


सजीव वस्तुएं(Living Things)


सजीव वस्तुएं वह जीवित संरचना होती हैं जो स्वयं के पर्यावरण में होने वाली किसी भी परिवर्तन के प्रति प्रतिक्रिया देने में सक्षम होती हैं

अथवा

वे जीव अथवा वस्तु जो जीवन के मूल लक्षण को प्रदर्शित करते हैं जैसे की “वृद्धि, जनन, उत्सर्जन, श्वसन एवं पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता इत्यादि” सजीव कहलाती हैं



सजीवों के मूल लक्षण(7 Characters of Living Things)


गति(Movement):- सभी जीवित प्राणी किसी ना किसी रूप में गति करते हैं जैसे की पक्षी व जानवर ही चलते-दौड़ते व टहलते हैं, परंतु जो ऐसा करने में असमर्थ होते हैं जैसे कि पौधे, उनके विभिन्न भाग गति करते हैं जैसे सूर्य के प्रकाश की दिशा में गति करना


श्वसन(Respiration):- यह एक तरह की रासायनिक प्रक्रिया है जो समस्त जीवो में पाई जाती है इसमें भोजन से ऊर्जा की प्राप्ति होती है


संवेदनशीलता(Sensivity):- यह क्षमता है जिसके द्वारा जीव अपने आस पड़ोस अथवा पर्यावरण में हुए किसी भी परिवर्तन को भांप लेता है और उसी के अनुरूप स्वयं प्रतिक्रिया दर्शाता है


वृद्धि(Growth):- सभी जीवित वस्तुएं वृद्धि दर्शाती हैं चाहे वह पौधे हो या पशु


जनन(Reproduction):- अपने आने वाली संतति में स्वयं के लक्षणों को पहुंचाना एवं अपने जैसे जीव की स्वयं संरचना करना भी सजीव होने का लक्षण है
उत्सर्जन(Excretion):- विभिन्न जैविक और रासायनिक क्रियाएँ सजीव शरीर में होती रहती है, इस दौरान विभिन्न अन-उपयोगी पदार्थ भी शरीर में उत्पन्न होते हैं और इन्हें त्यागने का गुण केवल जीवितों में ही होता है


पोषण(Nutrition):- वृद्धि, गति एवं ऊर्जा प्राप्ति हेतु जीव को विभिन्न तत्वों तथा पदार्थों की आवश्यकता होती है जिन्हें वह भोजन के माध्यम से ग्रहण करता है


अन्य लक्षण


-कोशकीय संरचना का होना
-निश्चित आकार तथा माप का होना
-विभिन्न अंगों तथा अंग तंत्रों का पाया जाना
-शरीर में विभिन्न रासायनिक क्रियाओं का होना या उपापचयन का पाया जाना
-एक निश्चित जीवन चक्र का पाया जाना


निर्जीव वस्तुएं(Non-Living things)


साधारण शब्दों में एक ऐसी वस्तु जो किसी भी प्रकार से सजीवों का लक्षण न दर्शाए निर्जीव वस्तु कहलाती है
उदाहरण-चट्टान, मेज, कुर्सी इत्यादि


निर्जीवों के लक्षण-
निर्जीव सजीवों के ठीक विपरीत लक्षण दर्शाते हैं


सजीव तथा निर्जीव में अंतर

लक्षण
सजीव
निर्जीव
आकार व माप
निश्चित
अनिश्चित
कोशिका
मौजूद व जीवद्रव्य उपस्थित
अनुपस्थित
अंग व अंग तंत्र
मौजूद
अनुपस्थित
उपापचयन
क्रिया हमेशा घटित होती रहती है
अनुपस्थित
पोषण
सभी जीव भोजन ग्रहण करते हैं
इन्हें भोजन की आवश्यकता नहीं होती
उत्सर्जन
सभी जीव अवशिष्ट पदार्थ त्यागते हैं
अनुपस्थित
जनन
सजीव अपने जैसी संतान उत्पन्न करने की क्षमता रखते हैं
अनुपस्थित
वृद्धि
सभी सजीवों में होती है
अनुपस्थित
संवेदनशीलता
सजीव इसी के द्वारा स्वयं को पर्यावरण के अनुकूल ढालते हैं
अनुपस्थित
श्वसन
ऊर्जा प्राप्ति हेतु प्रत्येक सजीव के लिए श्वसन अनिवार्य है
अनुपस्थित
गति
सजीव स्वयं की इच्छा शक्ति व आन्तरिक ऊर्जा से गति करते हैं
निर्जीव बाह्य बल के कारण गतिमान होते हैं
जीवन चक्र
सजीव एक निश्चित जीवन चक्र को पूर्ण करते हैं
अनुपस्थित

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