Hindi Class 5 (क्रिया)

क्रिया
जिन शब्दों से किसी काम का करना या होना पाया जाता है ,उन्हें क्रिया कहते हैं
जैसे- खाना ,पढ़ना ,खेलना ,रोना ,हसना आदि। 


                   क्रिया के भेद
1.    सकर्मक क्रिया
2.    अकर्मक क्रिया

1.सकर्मक क्रिया- सकर्मक का तात्पर्य है- ‘कर्म के साथअर्थात् जिन क्रियाओं में कर्म की अपेक्षा की जाती है ,उन्हें सकर्मक क्रिया कहते हैं
जैसे- गाय घास चरती है
        राम रोटी खाता है
        शांति ने पत्र लिखा
उपर्युक्त लिखे वाक्यों मे घास’,’रोटीतथा पत्रकर्म है। एवं क्रिया का फलघास’, ‘रोटीतथापत्रपर पड़ रहा है। अतः चरना’, ‘खाना’, ‘लिखा सकर्मक क्रियाएँ है।

                  सकर्मक क्रिया के भेद
.एककर्मक क्रिया- जिस क्रिया का एक ही कर्म होता है, वह एककर्मक क्रिया कहलाती है।
जैसे- राम पूजा करता है।
        श्याम मैदान में खेल रहा है
उपर्युक्त वाक्य मेंपूजा तथामैदान एक कर्म है। अतःकरता हैतथाखेल रहा है एककर्मक क्रिया है

.द्विकर्मक क्रिया- जिस क्रिया के दो कर्म होते है, उसे द्विकर्मक क्रिया कहते है।
जैसे- राम ने श्याम को पतंग दिया
        महेश ने दिनेश को खिलौना दिया

उपर्युक्त वाक्य मेंदिया क्रिया के दो कर्म है- श्याम और पतंगदूसरे वाक्य में दिया के दो कर्म हैं-   दिनेश और खिलौनाअतः दोनों द्विकर्मक क्रिया के उदाहरण है

जिन वाक्यों मेंक्या तथाकिसको लगाकर दोनों का उत्तर प्राप्त हो जाता है  वे द्विकर्मक क्रिया के उदाहरण है
 जैसे- राम ने क्या दिया?(पंतग) ,किसको           
         दिया(श्याम को)

2.अकर्मक क्रिया - आक्रमक का तात्पर्य है - बिना कर्म काअर्थात् जो क्रिया कर्म की अपेक्षा नहीं रखती है ,उसे अकर्मक क्रिया कहते हैं
जैसे- श्याम दौड़ रहा है
        नवीन हसँ रहा है


ऊपर लिखे वाक्यों मेंदौड़ रहा हैतथाहसँ रहा है आदि शब्दों का फल कर्ताश्याम तथानवीन पर पढ़ रहा है। अतः ये शब्द अकर्मक क्रियाएँ है
Hindi Class 5 (क्रिया) Hindi Class 5 (क्रिया) Reviewed by Kunwar Siddhartha on 16:15:00 Rating: 5

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